उम्र दराज़ बुज़ुर्ग

उम्र के साथ 
बढ़ जाती है उम्मीदें..!
सपने हैं कि
झुंड के झुंड चले आते हैं
चुलबुली चहकतीं चिड़ियों की तरह
उम्र के साथ चहकते हैं...!
सपने अपने कमजोर 
हो जाने वाले
एहसासों को ...
अपनी पीठ पर बैठा कर
बहुत ऊंचे ले जाते हैं 
ये सपनों के पंछी ।
और फिर
उम्र के साथ बढ़  जातीं हैं उम्मीदें 

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