मुख़्तसर सी बात है, तुम से प्यार है


तुम  पुकार  लो, तुम्हारा  इंतज़ार  है
ख्वाब  चुन  रही  हैं  रात  बेकरार  हैं

होंठ  पे  लिए  हुए, दिल  की  बात  हम
जागते  रहेंगे  और, कितनी  रात  हम
मुख़्तसर  सी  बात  है, तुम  से  प्यार  है
तुम्हारा  इंतज़ार  है  ..

दिल   बहल   तो  जाएगा, इस  ख़याल  से
हाल  मिल  गया  तुम्हारा, अपने  हाल  से
रात  ये  करार  की  बेकरार  है
तुम्हारा  इंतज़ार  है ......

टिप्पणियाँ

  1. सुन्दर रचना , सुन्दर भावाभिव्यक्ति , बधाई



    कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें .

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