कारीगर के पसीने से है ताज़ बे़मिसाल है..


हुनरमंद कारीगरों का कमाल देखिये
ये ताज़ इमारत   है बेमिसाल देखिये
भाई का क़ातिल किसी से इश्क करेगा..? 
कारीगर के पसीने से है ताज़ बे़मिसाल है....
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लहरों को बांसुरी की हर  तान  याद है
जमुना को भी किसन की मुस्कान याद है
गलियों में बिरज की साथ ये  न थे -
हर लब को जो मीरा ओ’रसखान याद है..
जिस्मानी इश्क होगा तो  मक़बरे होंगे..
बुल्ले का इश्क़ दुनिया में बेमिसाल है 
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