आह..!


तेरे आने से पहले
और
तेरे जाने के बाद
तेरे रोने से पहले
और
तेरे हंसने के बाद
तेरे ग़मों से पहले
और
तेरी खुशियों के बाद
तेरी यादें,तेरी खामोशी,
तेरे दर्द,तेरे आंसू
आकर हमें घेर लेते हैं
कभी तन्हाई का
अहसास ही नही होता.

टिप्पणियाँ

  1. तेरे आने का तो पता नहीं चला
    जाने के बाद तेरी याद आयी

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  2. जब ‘वो’ होता है, तो ‘ये’ सब होता है, फिर तान्हाई कैसा?

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  3. kya baat hai...preet me aksar yesa hi hota hai.bahut achcha ehsaas.

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  4. आपका पोस्ट अच्छा लगा । मेर नए पोस्ट पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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