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सायराबानो एक हसीन अदाकारा

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आने वाले 23 अगस्त को सायरा जी जन्म दिन होगा वे 66 बरस की हो जायेंगी मशहूर अदाकारा सायराबानो को भूलना किसी के बस की बात नहीं,,,,,,,,,,,तीखे नयन-नक्श़....... बेहतरीन अदाएं क्या अदभुत सौन्दर्य उन पर मरने वाले तब के जवां दिल अब चश्मा पौंछ पौंछ के टीवी पे आने वाली फ़िल्मों में उनको तलाशते हैं...... .........  उनसे मिली नज़र एक और मशहूर गीत है उनका उस दौर की सबसे ज़ोरदार फ़िल्म पड़ोसन में बेहतरीन अदा कारी वाह सबसे हसीन अदाकारा पर फ़िल्माए गए कई सारे गीतों में से मेरी पसन्द का गीत मै चली मै चली बेहद लुभाता रहा है आज़ भी बेहद पसन्द है                                                                                        ये देखिये एक और खूब सूरत चेहरा बेहतरीन गीत फ़िल्म पड़ोसन से

अनुगूंज अन्तस की :- हां मुझे तुमसे प्यार है.....!

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( चित्र साभार ब्लाग क़त क़तरा ज़िन्दगी से ) प्रेमोदघोष  करता हुआ वो युवक जाने किससे बात कर रहा था . किसी को भी इस बात की जानकारी न थी, कि वो बीमार है जी हां  कुछ लोग इस  फ़टेहाल युवक को  पागल कह रहे थे  तो कोई अनदेखा करके चला गया. ऐसा तो रोज़िन्ना होता है  बड़े बड़े शहरों के लिये ये एक छोटी सी बात थी. दूर खड़ा मैं भी इस उहापोह में था कि इस इंसान को किससे प्यार है. ? पता चल जाये तो कुछ करूं मैं.   हां मुझे प्यार है था और रहेगा तुमसे  कैसे कहूं........? तुम जानना चाहती हो न कि मैं तुमको कितना चाहता हूं ?    सच कहूं अपने से भी ज़्यादा पर बस आगे कुछ मत पूछना . पूछोगी तो भी न बताउंगा..... कितना प्यार है तुमसे ........? अरे प्यार की कोई सीमा ही नहीं होती है, बस तुमसे प्यार है इस बात का ऐलान किये देता हूं. तुम जानो न जानो मानो न मानो पर बात साफ़ सुथरी है कि मुझे तुम बेहद अच्छी लगती हो. जब से तुम मिली हो तब से ही लगातार जारी है मेरी प्रीत साधना. तुमने शायद ही महसूस किया होगा किया होगा तो भी तुमने कभी बताया भी नहीं है न ?    सुनो..! बार बार मत पूछो बिना लाग लपेट के कह दिया न कि मुझे सिर्फ़ और सिर्फ़

जीभ पलट गीत : 03- अपर रोलर लोअर रोलर

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साभार: तरंग अपर रोलर लोअर रोलर जूस निकाले गन्ने का. उफ़ ये गरम दिन धूप पसीना चेहरा देखो मुन्ने का !! ********* सुबह सुबह से हुआ गर्म दिन प्लान हुए अपने सब फ़ेल बिजली गुल तो ए सी गुमसुम ,घर दफ़्तर जैसे हों जेल उनके चेहरे फ़्यूज़ बल्व से ,जो बनते थे फ़न्ने खां अपर रोलर लोअर रोलर,जूस निकाले गन्ने का. साभार: संसदनामा शाम सुबह की भागा दौड़ी , हाथ न आई फ़ूटी कौड़ी उस पे बढती रोज़ कीमतें, जैसे सिर पे पड़े हथौड़ी रोको कीमत बडने न दो- मत सुबको प्रिय जन नेता .... अपर रोलर लोअर रोलर,जूस निकाले गन्ने का. विवेक जी की प्रविष्ठी इस गीत को गाना भले कितना ही सहज हो किंतु इसके मुखड़े को पांच गा लेने वाले को १०००/- का गिफ़्ट चैक मिलेगा , शर्तें:- गीत को गाकर यूट्यूब में उप लोड कीजिये मुखड़े को लगातार ५ बार बिना गफ़लत के गाना होगा , पहली सही प्रविष्ठी को १०००/- की राशी दी जावेगी जो गायक के लिये होगी .