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तेरी पूजा के तरीके से बेख़बर हूं मैं न ही उपवास मुझसे हो पाया !

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तूने दस्तक ज़रूर दी होगी..? मै वो आवाज़ नहीं सुन पाया कितनी आवाज़ें गिर्द मेरे हैं तेरा एहसास नही हो पाया ! ************** हर तरफ़ शोर चीख चिल्लाहट हरेक शख्स में है बेताबी जितना भी जिसको मिला किस्मत से वास्ते उसके वो है   नाका़फ़ी  ,  शोर गुल का यही तो  इक कारन तेरा आभास नही हो पाया ! ************** फ़िर भी दरवाज़ा खोला है मैने तेरे होने से  गंध बिखरी थी. मेरे महबूब आ मेरे घर में हरेक चीज़ यहां है बिखरी सी ! तेरी पूजा के  तरीके से  बेख़बर हूं मैं न ही उपवास मुझसे हो पाया !

हम तो तंतु कसे कसे से ठोकर से सरगम ही देंगे

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शाम अधूरी मीत   याद बिन उसनींदे दिन मीत साथ बिन ! *********** हम तो तंतु कसे कसे से ठोकर से सरगम ही देंगे सर ढोऎंगें तपन पोटली अपने तलतट छांह ही देंगें !  क्योंकर मन में अवगुंठन है  शाम सुहानी कहां प्रात बिन ? *************** मोहक मादक मदिरा भीनी ओढ़ चुनरिया तापस लीन्हीं मिलन यामिनी सपनन देखूं तुम अनदेखे मैं अनचीन्हीं ! अब तो मन में अनुगुंजन है सुबह सलोनी कहां रात बिन ?

जन्म दिन मुबारक हो मन्ना डे साहब

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मन्ना साहब को  जन्म की हार्दिक शुभ कामनायें   ए मेरी  जोहरा ..   तू  प्यार  का  सागर है ..   जहाँ  मैं  जाती हूं .. ज़िन्दगी  कैसी है पहेली ..   ये  रात  भीगी ..  गीत साभार : www.in.com