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ध्वनि-हीन संवाद

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  तुम और मैं ध्वनि-हीन संवादरत ! तुम-और मैं नि:शब्द मैं अनुशासनवश तुम लज्जावश फ़िर भी निरंतर ध्वनि-हीन संवादरत ..!! ध्वनि-हीन-संवाद जी भर जीवन भर  बुल्ले-शाह...मीरा... सूर..........कबीरा सब....ने किया प्रेम का प्याला पिया ! सच जाता  है  इसी तरह जीवन जीया 

Tribute to Talat Mehmood Sahab

http://www.youtube.com/watch?v=v5J9poFASWA ___________________________________________________________________________________________ और भी मधुर गीत हैं ये  रात  ये  चांदनी  फिर  कहाँ  ...   "यू-ट्यूब से साभार "

मेरी प्रेमिका के कारण

:-)26 दिसंबर 89 से मेरी महबूबा ने हमेशा साथ दिया है आजकल उनके साथ व्यस्त हूँ शायद आप बुरा नहीँ मानेगे