शहरोज़ जी को पहली बार रंगा था उनकी प्रेमिका ने:पाडकास्ट इंटरव्यू

कई खुलासे कर दिए शहरोज भाई ने  हसीन यादें बाक़ी हैं दिल में शहरोज़ भाई  के साथ हुई बातचीत में हुआ इस बात का खुलासा 
और  इसे यहाँ क्लिक करके सुनिए => संवाद एवं विमर्श सुनिए श्रीमती रानी विशाल जी को
''उज्जैन की होली के क्या कहने !''
अति  शीघ्र   ही 




टिप्पणियाँ

  1. भई आवाज बहुत धीमी आती है, मेरे लेपटाप पर, कुछ समझ नही आता, लेकिन जब रंगा तो बहुत सुंदर रंगो मे रंगा होगा , धन्यवाद

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  2. शहरोज जी से आपकी बातचीत बहुत अच्‍छी लगी .. बहुत अच्‍छी भावनाएं हैं उनकी !!

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  3. होली का खूब रंग चढ़ा !!! आपने तो कमाल कर दिया..अब किस से चेहरा छुपाऊँ .......अब तो चिलमन का दौर गया.....आभार आपका!!

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  4. bahut khoob...
    sharoz sahab aur aapki baat-cheet bahut acchi lagi...
    aap bahut hi accha kaam kar rahe hain..
    aabhar..

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  5. ये शहरोज़ साहब कौन हैं? मैं तो इस नाम के एक शख्स को जानता हूँ जिनका हमज़बान, साझा-सरोकार और अपनी तहरीरों के लिए उनका एक ब्लॉग है!हाँ वह हमारे जिले के शेरघाटी के रहने वाले हैं.बहुत दुविधा है, आपको इन साहब का तार्रुफ़ भी देना था..मुझ जैसे कई लोगों के सामने ये दिक्क़त आ रही होगी!!

    वैसे बात-चीत अपने अंदाज़ में बेहतर ही है.

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  6. holi ka rang hamesha achcha lagta hai
    magar haan kayi baar buri ghatnaayen holi se man mod deti hain
    bahut achchi varta

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  7. मस्त चर्चा गम्भीरता से की गई.

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